मल्टीग्रेन आटा : किसके लिए कौन सा

मल्टीग्रेन आटा, जो कई प्रकार के अनाज को पीसकर बनाया गया है इसमें गेहूं के अलावा कई अन्य अनाज मिलाकर इसकी पौष्टिकता कई गुना बढ़ जाती है।इन अनाजों को मिलाकर बनाए गए आटे में सभी आवश्यक पोषक तत्व, जैसे प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, और खनिज पदार्थ मौजूद होते हैं। बाजार में यह आटा मेहंगे दामों पर मिलता है इसलिए कई लोग इसे खरीद नहीं पाते हैं लेकिन अगर आप चाहे तो मल्टीग्रेन आटे को घर पर भी तैयार कर सकते हैं, वह भी अपनी सेहत की आवश्यकता के अनुसार, आइए गुरु नीतीश से जानते हैं की कैसे इसका इस्तेमाल किया जाए :-

1 :- अगर आप मोटापे से परेशान है, तो इस प्रकार से अपने लिए मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –

पांच किलो गेहूं में एक किलो चना, एक किलो जौ, 50 ग्राम मेथीदाना और 250 ग्राम अलसी मिलाकर पिसवाएं।

2 :- अगर आप वजन बढ़ाना चाहते है, तो इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –
पांच किलो गेहूं में एक किलो जौ , एक किलो चना , एक किलो चावल का आटा , 500 ग्राम सोयाबीन डाल कर पिसवाएं। इस आटे के इस्तेमाल से आपको वजन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

3 :- अगर गर्भवती हैं तो इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –
पांच किलो गेहूं में एक किलो सोयाबीन, 250 ग्राम तिल, डेढ़ किलो चना, 500 ग्राम जौ मिलाकर पिसवाएं। इससे गर्भावस्था के दौरान आपको भरपूर पौष्टिकता मिलेगी।

4 :- अगर आपको कब्ज की शिकायत रहती हो तो इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –
पांच किलो गेहूं में एक किलो चना, आधा किलो मक्का, एक किलो जौ और 250 ग्राम अलसी पिसवाएं। इससे कब्ज से मुक्ति पाने में आपको मदद मिलेगी।

5 :- डायबिटीज वाले लोग इस तरह से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –
पांच किलो गेहूं में डेढ़ किलो चना, 50 ग्राम मेथी, 50 ग्राम दालचीनी ,500 ग्राम जौ डालकर पिसवाएं।

6 :- घर में बढ़ते बच्चों के लिए इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –
पांच किलो गेहूं में 250 ग्राम सोयाबीन, एक किलो चना और 500 ग्राम जौ मिलाकर पिसवाएं। इससे बच्चों की अच्छी ग्रोथ होगी।

निष्कर्ष:
मल्टीग्रेन आटा न केवल पोषण का भंडार है, बल्कि यह विभिन्न रोगों से बचाव और उनके प्रबंधन में भी सहायक है। प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक जरूरतों के अनुसार मल्टीग्रेन आटे की तैयारी की जा सकती है। सही आहार का चयन करना और उसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। इसलिए, मल्टीग्रेन आटे को अपने आहार में शामिल करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

ध्यान देने योग्य बातें –
:- आटे को थोड़ा मोटा पिसवाएं।
:- आटे का इस्तेमाल चोकर के साथ करें।
:- ज्यादा आटे को एक साथ न पिसवाकर रखें।
:- एक बार में एक हफ्ते के लिए आटा पिसवाना काफी है।

अस्वीकरण: ऊपर लिखी सामग्री केवल सामान्य जानकारी देने के लिए है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। हमेशा किसी भी तरह के चिकित्सीय सलाह के लिए चिकित्सा विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से संपर्क करें । GuruNi30 इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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